खाद्य सुरक्षा के मूल्यांकन में त्वरित विधियों की भूमिका और महत्व

Authors

  • सुश्री शबनम कुमारी कृषि इंजीनियरिंग प्रभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली -110012, भारत Author
  • डॉ. देविंदर ढींगरा प्रधान वैज्ञानिक (एएस और पीई) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली -110012, भारत Author

Abstract

खाद्य सुरक्षा उपभोक्ताओं, उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं, ट्रांसपोर्टरों और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में सम्मिलित लगभग सभी लोगों के लिए एक सर्वोपरि चि ंता का विषय है। खाद्यजनित बीमारिय एक महत्वपूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य संकट उत्पन्न करती हैं, जो दुनिय भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। डब्ल्यू एचओ 2022 के अनुसार, हर साल अनुमानि त 600 मिलिय न लोग, वैश्वि क स्तर पर लगभग 10 में से 1 व्यक्ति , दूषित भोजन के कारण बीमार पड़ते हैं। कि सान और खाद्य प्रसंस्करणकर्ता यह सुनिश्चि त करने के लि ए स्थापि त दि शानिर्दे शों का पालन करते हैं कि उनके द्वारा उत्पादि त खाद्य सुरक्षित है और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है। नियमक एजेंसिय बाजारों में कारोबार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता की नि गरानी और देखरेख करने तथा उपभोक्ता ओं के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमि का निभाती हैं।

Published

2025-02-10